जिन्दगी एक संघर्ष
कहा जाता है,की मानव जीवन भाग्यशाली को ही प्राप्त होता है,परन्तु देखा जाए तो वास्तव में हमें अपने कर्मों की ही प्रप्ति होती है। सिर्फ मानव जीवन ही नहीं सभी जीव जंतुओं के जीवन में भी संघर्ष होता है। संघर्ष करना ही मानव जीवन का कर्तव्य है। अक्सर हम यह देखते हैं कि जो जीवन में समृद्धशाली, बुद्धिमान, एवं कर्तव्यनिष्ठ होते हैं, वे अपने जीवन मे हमेशा संघर्षशील होते हैं। संघर्ष से ही उससे सही गलत पता चलता है।
जब प्रातःकाल जंगल में शेर जागता है तो वह सोचता है कि यदि आज मैं संघर्षसहित शिकार नहीं किया तो भूखा रह जाऊँगा। उसी विपरीत एक हिरण सोचता है यदि आज मैं अपने पूरे संघर्ष के साथ नहीं भागा तो मारा जाऊँगा।
यह छोटी सी बातें हमें यह सिखलाती है,कि मनुष्य से लेकर जीव-जंतुओं तक सभी को अपने जीवन में संघर्ष करना पड़ता है। संघर्ष के माध्यम से ही हमें अपने जीवन में फल की प्राप्ति कर सकते हैं। अर्थात संघर्ष का दूसरा नाम कर्म है।
अतः हमें संघर्षसहित अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। हमें संघर्ष से घबराना नहीं चाहिए बल्कि उसका डटकर मुक़ाबला करना चाहिए। जो व्यक्ति अपने जीवन में संघर्षों का डटकर मुकाबला करता है,उसी व्यक्ति को आगे जाकर सफलता प्राप्त होता है।
:- आशुतोष नाथ झा
जब प्रातःकाल जंगल में शेर जागता है तो वह सोचता है कि यदि आज मैं संघर्षसहित शिकार नहीं किया तो भूखा रह जाऊँगा। उसी विपरीत एक हिरण सोचता है यदि आज मैं अपने पूरे संघर्ष के साथ नहीं भागा तो मारा जाऊँगा।
यह छोटी सी बातें हमें यह सिखलाती है,कि मनुष्य से लेकर जीव-जंतुओं तक सभी को अपने जीवन में संघर्ष करना पड़ता है। संघर्ष के माध्यम से ही हमें अपने जीवन में फल की प्राप्ति कर सकते हैं। अर्थात संघर्ष का दूसरा नाम कर्म है।
अतः हमें संघर्षसहित अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। हमें संघर्ष से घबराना नहीं चाहिए बल्कि उसका डटकर मुक़ाबला करना चाहिए। जो व्यक्ति अपने जीवन में संघर्षों का डटकर मुकाबला करता है,उसी व्यक्ति को आगे जाकर सफलता प्राप्त होता है।
:- आशुतोष नाथ झा
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