बाढ़ एक समस्या

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि इस पूरे विश्व का 70℅ भाग जल है और 30℅भाग भूमि है। 
हम यहाँ पीने की पानी की बात नहीं कर रहे, जल के कुल 70℅ भाग जो कि सामान्य पानी है उसकी बात कर रहे हैं।
हम भारत देश के रहने वाले हैं। यहाँ जल की पर्याप्त व्यवस्था है। बरसात के मौसम में यहाँ अच्छी बारिश भी होती है। जिससे यहाँ की खेती सुव्यवस्थित ढंग से हो पाती है।
अच्छे फसल उगाने में भारत की नदियाँ सहायक होती हैं। भारत की कुछ प्रमुख नदियाँ है- गंगा, यमुना सतलुज ब्रह्मपुत्र आदि । जहाँ ये नदियाँ देशवाशियों के लिए एक सरल एवं सहज साधन के तौर पर हमें देखने को मिलता है वहीं कहीं इन नदियों का आक्रमक रूप भी देखने को मिलता है।
ज्यादातर बरसात के मौसम में ये नदियाँ अपना भयंकर रूप ले लेती हैं। जल ठहराव के उचित साधन अपर्याप्त होने के कारण एवं उचित बांध ना होने के कारण सभी देशवासियों को बाढ़ एक जटिल समस्या का सामना करना पड़ता है। देश के निचले प्रदेशों में अधिकांश यह समस्या देखने को मिलती है। इतना ही नहीं पड़ोसी देश भी अधिक मात्रा में जल जमाव होने के कारण पानी को बेफिक्र अपने आसपास के प्रांतों में छोड़ देते हैं। जिस कारणवश आमजीवन बहुत प्रभावित होता है। लोगों का जीवन ठप पड़ जाता है। ऐसे नाजुक परिस्थितियों में बारिश लोगों के लिए वरदान नहीं बल्कि अभिशाप बनकर सामने आती है। बाढ़ की वजह से सिर्फ आमजीवन ही बल्कि पूरा राष्ट्र प्रभावित होता है। बाढ़ के कारण आमजीवन कैसे प्रभावित होता है?
बाढ़ अपने साथ बीमारियों को लाती है। पानी की जामाव की वजह से कई बीमारियां उत्पन्न होती हैं। बाढ़ के कारण कृषि क्षेत्र भी प्रभावित होता है। लहलहाते खेत डूब जाते हैं, किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर जाता है। 
इतना ही नहीं बाढ़ का प्रभाव यातायात पर भी पड़ता है। सड़कों पर जल जमाव की वजह से यातायात ठप पड़ जाती है।
जिस कारण आमजीवन बहुत प्रभावित होता है। देश के पिछड़े क्षेत्र में उचित जल प्रबंधन ना होने के कारण उस क्षेत्र के लोग जल जमाव में घिर जाते हैं और उन्हें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है जैसे- वे लोग रोटी रोटी के लिए मोहताज हो जाते है, घरबार त्यागना पड़ता है, बीमारियों का सामना करना पड़ता है। बाढ़ से निवारणहेतु हम सभी को मिलकर उचित व्यवस्था करनी होगी, निम्न एवं उच्च स्तर पर सरकारों को बाढ़ से छुटकारा हेतु हर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उचित उचित व्यवस्था करनी होगी। सभी उचित व्यवस्था करने के पश्चात ही इस समस्या से छुटकारा संभव है।

Comments

Popular posts from this blog

ईश्वर की भेंट

ईमानदारी का परिचय

जीवन एक श्यामपट्ट